पहाड़ी अचार

पहाड़ी अचार (Pahadi Achar) भारत के पहाड़ी क्षेत्रों (उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश) में पारंपरिक रूप से बनाए जाने वाले तीखे और चटपटे अचार होते हैं。 ये मुख्य रूप से ताज़े मौसमी फलों, जड़ी-बूटियों और सरसों के तेल से तैयार किए जाते हैं। 
पहाड़ी अचार की कुछ सबसे प्रसिद्ध किस्में निम्नलिखित हैं:
१. गलगल का अचार (Galgal Ka Achar)
गलगल एक प्रकार का बड़ा और रसीला पहाड़ी नींबू होता है。 सर्दियों में इसे हरी मिर्च और पारंपरिक मसालों के साथ मिलाकर बनाया जाता है。 इसका खट्टा-तीखा स्वाद बहुत पसंद किया जाता है。 
२. लिंगड़ का अचार (Linguda / Lingdu Ka Achar)
लिंगड़ (Fiddlehead Fern) पहाड़ों में उगने वाली एक जंगली हरी सब्ज़ी है जो केवल बरसात के मौसम में मिलती है。 इसे उबालकर, धूप में सुखाकर और मसालों व सरसों के तेल में मर्तबान में संरक्षित (preserve) किया जाता है。 
३. पहाड़ी मूली का अचार (Pahadi Mooli Ka Achar)
पहाड़ों की ताज़ी, तीखी मूली को टुकड़ों में काटकर और सरसों के तेल में भांग के बीजों (Hemp seeds) और अन्य मसालों के साथ मिलाकर बनाया जाता है。 यह ठंड के मौसम में दाल-चावल के साथ बहुत अच्छा लगता है。
४. भांग की चटनी / अचार
भांग के बीज (Hemp Seeds), जीरा, लहसुन और लाल मिर्च को पीसकर यह खास तरह का सूखा और मसालेदार अचार/चटनी बनाई जाती है।

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