bal mithai 500g price
बाल मिठाई उत्तराखंड की सदियों पुरानी और प्रतिष्ठित मिठाई है, जिसकी उत्पत्ति कुमाऊं पहाड़ियों के अल्मोड़ा शहर से हुई है। अपने गहरे कोको-भूरे रंग और फज जैसी बनावट के कारण इसे अक्सर "पहाड़ी चॉकलेट" भी कहा जाता है, लेकिन इसमें कोई वास्तविक चॉकलेट या कोको पाउडर नहीं होता है। इसके बजाय, इसका विशिष्ट रंग और स्वाद पूरी तरह से शुद्ध दूध के ठोस पदार्थों को सावधानीपूर्वक पकाकर तैयार करने का परिणाम है। मुख्य सामग्री और तैयारी: कैरेमलाइज्ड खोया बेस: इसका आधार खोया या मावा (दूध के ठोस पदार्थों का वाष्पीकृत रूप) है। इसे गन्ने की चीनी और देसी घी के साथ धीमी आंच पर धीरे-धीरे भुना जाता है। लगातार पकने के दौरान, दूध की चीनी कैरेमलाइज्ड हो जाती है, जिससे सफेद मिश्रण गहरे भूरे रंग की, गाढ़ी, घनी और थोड़ी चबाने वाली फज में बदल जाता है। "बाल" कोटिंग: फज को छोटे-छोटे आयताकार टुकड़ों में काटने के बाद, इसे पूरी तरह से छोटी, कुरकुरी सफेद चीनी की गोलियों (स्थानीय रूप से बाल दाना के रूप में जानी जाती हैं) में लपेटा जाता है। इससे एक तीखा दृश्य विरोधाभास और नरम, चिपचिपे केंद्र के विपरीत एक संतोषजनक कुरकुरापन पैदा होता है। स्वाद और बनावट प्रोफ़ाइल: स्वाद: यह भुने हुए दूध, स्मोकी कारमेल और एक समृद्ध, अखरोट जैसी गहराई के प्रमुख स्वरों के साथ एक तीव्र, बेहद संतोषजनक मिठास प्रदान करता है। बनावट: एक उत्तम बहु-बनावट अनुभव। आपके दांत पहले कुरकुरे, सख्त बाहरी चीनी के गोलों को तोड़ते हैं, फिर अंदर के नरम, चिपचिपे और गाढ़े कारमेलाइज्ड दूध के आधार में पिघल जाते हैं। सांस्कृतिक इतिहास और विरासत: आविष्कारक: बाल मिठाई के आधुनिक रूप का श्रेय लाला जोगा राम साह को दिया जाता है, जो एक स्थानीय हलवाई थे, जिन्होंने 20वीं शताब्दी के आरंभ में अल्मोड़ा के लाल बाजार में अपनी दुकान से इसे परिपूर्ण किया और बेचना शुरू किया। खसखस की उत्पत्ति: परंपरागत रूप से, बाल मिठाई को चीनी के गोलों में नहीं लपेटा जाता था; इसे भुने हुए खसखस में लपेटा जाता था। दशकों के व्यावसायीकरण के कारण, महंगे खसखस के बीजों की जगह बड़े पैमाने पर चीनी के दानों का इस्तेमाल होने लगा, हालांकि कुछ पारंपरिक दुकानों में विशेष अनुरोध पर खसखस से बनी बाल मिठाई अभी भी मिलती है। लंबे समय तक सुरक्षित: भूनने की लंबी प्रक्रिया के दौरान दूध के ठोस पदार्थों से नमी पूरी तरह निकल जाने के कारण, बाल मिठाई लंबे समय तक अच्छी रहती है। यह बिना फ्रिज में रखे 20 दिनों तक ताज़ा रहती है, जिससे यह हिमालय से लौटने वाले यात्रियों के लिए एक बेहतरीन यादगार उपहार बन जाती है।Showing the single result
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असली बाल मिठाई
Price range: ₹449.00 through ₹849.00 Select options This product has multiple variants. The options may be chosen on the product page
